लोकसभा चुनाव: यूपी में भाजपा के ख़िलाफ़ छोटी पार्टियां, कोई सपा-बसपा तो कोई कांग्रेस के साथ तलाश रहा भविष्य
शिवपाल यादव की पार्टी कांग्रेस के साथ तथा निषाद पार्टी सपा-बसपा से उम्मीद लगा रही है.
उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन के बाद छोटी पार्टियां भी भाजपा के ख़िलाफ़ मोर्चा संभाल रहे हैं. राज्य की छोटी पार्टियां सपा-बसपा के साथ-साथ कांग्रेस के साथ भी अपना भविष्य देख रहे हैं.
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने कहा है कि कांग्रेस के साथ उनके सैद्धांतिक सहमति है. वही निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा है कि उनकी बात बसपा से हुई है और उन्हें समाजवादी पार्टी के हिस्से की 38 सीटों में से कुछ सीटें दी जाएंगी. इससे पहले राष्ट्रीय लोक दल ने भी कहा है कि उसे भी सपा-बसपा गठबंधन में जगह दी जाएगी.
राष्ट्रीय लोक दल के नेता ने कहा है कि उनकी पार्टी बागपत, मथुरा, कैराना, मुजफ़्फरनगर, अमरोहा और हाथरस की लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेता दीपक मिश्रा ने कहा है कि कांग्रेस के प्रेस वार्ता में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि वे समान विचारधारा वाली पार्टियों से गठबंधन कर सकते हैं. उन्होंने कहा, “सपा-बसपा के बाद कांग्रेस की विचारधारा वाली पार्टी कौन सी है? कांग्रेस पार्टी का एक बड़ा धड़ा शिवपाल यादव की पार्टी के साथ गठबंधन करना चाहता है. अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी.” सीट शेयरिंग पर उन्होंने कहा कि यह हमारे व्यक्तिगत रिश्ते और मोल-भाव पर निर्भर करता है.
निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद ने कहा, “मीडिया को अनुमान लगाने दीजिए. उनसे (समाजवादी पार्टी से) हमारी बात हो रही है, दो-तीन दिनों में सारी चीज़ें स्पष्ट हो जाएंगी. समाजवादी पार्टी हमें अपनी सीटों का कुछ हिस्सा देगी”.
बता दें कि उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के गठबंधन के बाद लोकसभा चुनाव के गणित बदल गए हैं. भारतीय जनता पार्टी को देश के सबसे बड़े राज्य में भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर चुनाव परिणामों पर दिखेगा.