उत्तरप्रदेशः जमीनों के उचित मुआवजे़ के लिए 10 गांवों के किसानों का सत्याग्रह, भाजपा पर लगााया वादाख़िलाफ़ी का आरोप
मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी से नाराज़ किसानों ने आगामी चुनावों के लिए ‘मुआवज़ा नहीं तो वोट नहीं’ का संकल्प लिया है.
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के जिरकपुर गांव के पास यमुना एक्सप्रेस के नीचे पिछले एक महीने से 10 गांवों के किसान जमीन के उचित मुआवज़े को लेकर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करते हुए सत्याग्रह कर रहे हैं.
विरोध कर रहे किसानों का आरोप है कि भाजपा सरकार ने उनके साथ वादाख़िलाफ़ी की है. जमीन का उचित मुआवज़ा न मिलने की वजह से नाराज़ किसानों ने मोदी सरकार के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी की. मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी से नाराज़ किसानों ने आगामी चुनावों के लिए ‘मुआवज़ा नहीं तो वोट नहीं’ का संकल्प लिया है.
हिंद किसान की रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार के साढ़े चार साल बीतने के बाद भी किसानों को जमीन का उचित मुआवज़ा नहीं मिला है और जिन किसानों को मुआवज़ा मिला है तो वो सरकार द्वारा किए वादे के मुताबिक बहुत कम है.
सत्याग्रह कर रहे किसानों का कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी तब तक हम धरने पर बैठे रहेंगे. किसानों ने मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हम भाजपा को सत्ता से साफ कर देंगे.
ज्ञात हो कि आगामी 15-20 जनवरी के बीच में नाराज़ किसान प्रधानमंत्री मोदी को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.