आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10% आरक्षण देने का प्रस्ताव एक जुमले से ज़्यादा कुछ नहीं-यशवंत सिन्हा
पूर्व भाजपा मंत्री ने कहा कि यह प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों से इसे पारित करने का समय भी नहीं है.
मोदी सरकार ने सोमवार को आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले को मंजूरी दी है. बीजेपी में लंबे समय तक रहे दिग्गज नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथो लिया है. यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10% आरक्षण देने का प्रस्ताव एक जुमले से ज्यादा कुछ नहीं है. यह कानूनी जटिलताओं से भरा हुआ है और संसद के दोनों सदनों से इसे पारित करने का समय भी नहीं है. इस फैसले से सरकार पूरी तरह से बेनकाब हो गई है.
The proposal to give 10% reservation to economically weaker upper castes is nothing more than a jumla. It is bristling with legal complications and there is no time for getting it passed thru both Houses of Parliament. Govt stands completely exposed.
— Yashwant Sinha (@YashwantSinha) January 7, 2019