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“अनिल अंबानी को भेजा जाए जेल”… रियायंस द्वारा समय पर बकाया राशि का भुगतान न करने पर स्वीडिश कंपनी ने कोर्ट में लगाई गुहार

कोर्ट के आदेश के बावजूद भी रिलायंस ने 550 करोड़ रुपए की बकाए राशि का भुगतान नहीं किया.

स्वीडिश टेलीकॉम कंपनी एरिक्सन ने कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट में एक दूसरी अवमानना याचिका दायर की है. जिसमें यह दलील दी गई है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस के अध्यक्ष अनिल अंबानी को जेल में बंद किया जाना चाहिए और उनकी भारत से बाहर की यात्राओं पर रोक लगाई जानी चाहिए. क्योंकि रिलायंस कम्युनिकेशंस कोर्ट के आदेश के बावजूद एरिक्सन की 550 करोड़ रुपए के बकाए राशि का भुगतान करने में विफल रही है.

इकॉनोमिक टाइम्स की ख़बर के अनुसार एरिक्सन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खेर ने बताया कि दूसरी याचिका इसलिए दायर की गई है क्योंकि रिलायंस कम्युनिकेशंस और अन्य ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया. हम लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद भी भुगतान न करना अदालत की अवमानना है. जिसके लिए कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट के तहत दोषी पाये जाने पर 6 महीने जेल की सजा का प्रावधान है.

एरिक्सन ने अदालत से कहा कि वह रिलायंस कम्युनिकेशंस को ब्याज सहित राशि का भुगतान करने का निर्देश दे. ऐसा पहली बार नहीं है जब रिलायंस कम्युनिकेशंस एरिक्सन को भुगतान करने में विफल रही है. अक्टूबर में भी एरिक्सन ने रिलायंस कंपनी के ख़िलाफ़ समय पर भुगतान न करने के लिए अवमानना याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस को स्वीडिश फर्म का भुगतान करने के लिए 15 दिसंबर तक का समय दिया था.

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