राफ़ेल घोटाला : अपनों ने भी छोड़ा भाजपा का साथ, शिवसेना बोली- भ्रष्ट नहीं है तो जेपीसी से जांच कराए मोदी सरकार
एनडीए की सहयोगी शिवसेना ने जेपीसी जांच की मांग करते हुए राफ़ेल सौदे पर सवाल उठाए हैं, जदयू और लोजपा जैसी पार्टियों ने चुप्पी बरकरार रखी है.
राफ़ेल विमान घोटाले पर मोदी सरकार विपक्ष के साथ-साथ अपने सहयोगी दलों से भी घिर गई है. संसद में एनडीए के सहयोगी शिवसेना ने संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग की है, वही जदयू और लोक जनशक्ति पार्टी जैसे सहयोगी दलों ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी को बरकरार रखा है. लिहाजा सरकार को अपने बचाव में अकेले कूदना पड़ रहा है.
बुधवार को एनडीए के सहयोगी शिवसेना के सांसद अरविन्द सावंत ने सरकार से कहा कि अगर हम राफ़ेल सौदे में पाक-साफ हैं तो हमें जेपीसी की मांग मानकर जांच करनी चाहिए. अगर हमारी सरकार भ्रष्ट नहीं है तो हमें जेपीसी जांच का आदेश दे देना चाहिए.
द टेलीग्राफ की ख़बर के अनुसार शिवसेना सांसद ने लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राफ़ेल विमान की डील करने के लिए प्रधानमंत्री अपने साथ रक्षा मंत्री को लेकर फ्रांस क्यों नहीं गए. प्रधानमंत्री डबल ए (अनिल अंबानी) को लेकर अपने साथ क्यों गए.
शिवसेना सांसद ने राफ़ेल सौदे को बोफ़ोर्स की तरह घोटाला बताया. उन्होंने कहा कि बोफ़ोर्स सौदे के समय लोग कहते थे कि इसकी बंदूक ठीक है, लेकिन यह सौदा ग़लत है. ऐेसे ही अब लोग कहते हैं कि राफ़ेल का विमान बढ़िया है, लेकिन इसकी डील ग़लत हुई है. शिवसेना सांसद सावंत ने कहा कि वित्त मंत्री ने सदन को जवाब नहीं दिया अब कांग्रेस की पुरानी ग़लतियों को गिनाकर नहीं बचा जा सकता.