#MeToo: दूरदर्शन में 10 महिलाओं का यौन उत्पीड़न, शिकायत करने पर किसी की नौकरी गई तो किसी की रोक दी गई सैलरी
एक महिला ने आरोप लगाया कि इंटरनल कम्प्लेंट्स कमिटी ने दूरदर्शन के उन कर्मचारियों को दोषी पाया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.
देश में मीटू मुहीम के शुरू होने के बाद कई जगहों पर कार्यस्थलों में होने वाले यौन उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर महिलाएं मुखर हुई हैं. इसी क्रम में लॉ फर्म भंडारी एंड एसोसिएट्स के मुताबिक़ करीब 10 महिलाओं ने दूरदर्शन में उनके साथ यौन उत्पीड़न होने की बात कही है.
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इस लॉ फर्म की सदस्य वरुण भंडारी ने बताया कि उन्होंने पीड़िताओं से बात की और उनकी आपबीती ‘भयानक’ थी. इन पीड़िताओं में से 6 दिल्ली से, 1 भोपाल से, 1 जयपुर से और 2 कुछ अन्य जगहों से थीं.
गौरतलब है कि इनमें से एक महिला ने 2015 में अपने दो सीनियरों के ऊपर कथित तौर पर यौन शोषण का आरोप लगाया था जिसके बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. पीड़ित महिला ने यह आरोप लगाया कि इंटरनल कम्प्लेंट्स कमिटी ने दूरदर्शन के उन कर्मचारियों को दोषी पाया. लेकिन, असलियत में इसका कोई नतीजा नहीं निकला. इसके बाद वो केन्द्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के पास मदद के लिए गई. एक अन्य महिला ने यह आरोप लगाया कि उन्होंने एक कर्मचारी के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये थे जिसके बाद उनकी तनख़्वाह को रोक दिया गया.