जो पुलिस अपने सिपाहियों की जान नहीं बचा सकती उससे क्या उम्मीद की जाए- गाजीपुर में भीड़ के शिकार सिपाही के बेटे का छलका दर्द
शनिवार को भीड़ ने सिपाही सुरेश वत्स की हत्या कर दी थी.
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में भीड़ द्वारा मारे गए सिपाही सुरेश वत्स के बेटे वी.पी. सिंह ने कहा है कि जब पुलिस अपने ही जवानों की रक्षा नहीं कर सकती तो उससे और क्या अपेक्षा की जा सकती है.
मारे गए सिपाही के बेटे वी.पी सिंह ने कहा है कि पिता की मौत हो जाने के बाद हमें मुआवज़ा मिलने से ही क्या हो जाएगा. इससे पहले बुलंदशहर और प्रतापगढ़ में ऐसी घटना घट चुकी है. जो पुलिस अपने जवानों की जान नहीं बचा सकती उससे हम और क्या ही उम्मीद कर सकते हैं.
VP Singh, son of deceased constable Suresh Vats who died in Ghazipur in a stone pelting incident y'day: Police is not being able to protect their own. What can we expect from them?What will we do with compensation now?Earlier,similar incidents took place in Bulandshahr&Pratapgarh pic.twitter.com/2xgarpIDXB
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) December 30, 2018
शनिवार को गाजीपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा से लौट रहे सिपाही की भीड़ ने हत्या कर दी थी. बताया जाता है कि इसमें निषाद पार्टी के लोगों का हाथ है. निषाद पार्टी के लोग आरक्षण की मांग को लेकर प्रधानमंत्री की सभा में जाना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने सभास्थल में उनके प्रवेश पर रोक लगा दी थी. सुरेश वत्स प्रधानमंत्री की सभा समाप्त होने पर वापस लौट रहे थे. लेकिन, बीच रास्ते में ही कथित तौर पर निषाद पार्टी के लोगों ने घेराव किया था, जिससे इलाके में जाम लग गया. सुरेश इसी जाम को ख़त्म कराने का प्रयास कर रहे थे.
भीड़ द्वारा पुलिसकर्मी की हत्या किए जाने की इस घटना के बाद योगी आदित्यनाथ की सरकार सवालों के घेरे में आ गई है. क्योंकि 3 दिसंबर को बुलंदशहर में भी भीड़ ने एक पुलिस इंस्पेक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी थी.