“पुलिस जिसे राकेट लांचर बता रही है असल में वह मिट्टी बिछाने वाला यंत्र है”.. जानें क्या कहते हैं एनआईए द्वारा गिरफ़्तार आरोपियों के परिवार
एनआईए ने 27 दिसम्बर को 10 लोगों को हिरासत में लिया गया था.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की रेड में गिरफ़्तार लोगों के परिवार वालों ने एजेंसी पर झूठे सबूत बना कर गिरफ़्तारी करने का आरोप लगाया है. एनआईए द्वारा 27 दिसम्बर को 10 लोगों को हिरासत में लिया गया था. इसके पीछे वज़ह आईएसआईएस नामक आतंकवादी संगठन से संबंध को बताया गया था.
28 वर्षीय सईद और 20 वर्षीय रईस के पड़ोसी मुहम्मद शमशाद ने बीबीसी को बताया, “जिसे पुलिस राकेट लांचर बता रही है वह असल में ट्रेक्टर के साथ जुड़ा हुआ एक यंत्र है जिसे मिट्टी बिछाने के लिए क्रेन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. अगर यह राकेट लांचर है तो पुलिस को सभी किसानों को गिरफ़्तार करना चाहिए क्योंकि यह सभी ट्रेक्टरों के ट्राली में लगा हुआ होता है.”
बारूद मिलने के पुलिस के दावों के बारे में शमशाद ने कहा, “”जिसे बारूद बताया जा रहा है वो बुरादा है जो लोहे की घिसाई और कटाई में निकलता है.” ये बताते हुए वो एक बोरी से लोहे का बुरादा गिराते हैं.”
आनंद बाज़ार पत्रिका में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़ सईद और रईस की माँ ने यह आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने उनके साथ हाथापाई की और फिर उन्हें कमरे में बंद कर दिया. वहीं इन भाइयों के एक चाचा ने बताया कि सभी लोगों ने अपने दरवाजों और खिड़कियों से देखा कि सफेद गाड़ी से हथियार आदि घर के अंदर ले जाए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के लोगों ने जबरन उनसे इस इकबालनामे पर दस्तखत कराए कि ये सामान उनके सामने बरामद किया गया है.
बिज़नस स्टैण्डर्ड की रिपोर्ट के अनुसार इन 10 आरोपियों के वकील एमएस खान ने ज़ब्त किये गए विस्फोटकों के बारे में कहा, “यह सुतली बम हैं जो दिवाली के दौरान फोड़े जाते हैं. इन्हें यहां रखा गया और इन्हें विस्फोटक बता दिया गया. बिलकुल ऐसी ही बेबसी एनआईए द्वारा गिरफ़्तार दूसरे आरोपियों के परिवारों में भी देखने को मिली.
मामले में गिरफ़्तार ज़ैद और ज़ुबैर मलिक के पिता गुलज़ार अहमद ने कहा, “हम जब अदालत गए तो अपने बेटे को कुछ नहीं कह सके. हम आपको क्या बताएं?” अहमद के एक सम्बन्धी ने बताया, “ हमें नहीं पता कि यह क्या और कैसे हुआ. कल ये लोग आए और सभी औरतों को एक कमरे में इकठ्ठा होने के लिए कहा और उन्हें उठा लिया. लेकिन हमारे साथ कोई बदसलूकी नहीं की.”
उन्होंने आगे कहा, “हमें भी उतना ही पता है जितना आपको ख़बरों के ज़रिये पता है. हम उन्हें (जांच अधिकारीयों को) कुछ कह नहीं पाए क्योंकि हम कामकाजी लोग हैं.” एजेंसी द्वारा गिरफ़्तार सभी कथित आरोपियों के सम्बन्धियों ने बताया कि दिल्ली में ज़फराबाद इलाके में डर का माहौल बना हुआ है.
गौरतलब है कि अमरोहा से 5 लोगों को गिरफ़्तार किया गया और 5 और लोगों को दिल्ली के दो अलग अलग इलाकों से गिरफ़्तार किया गया. एनआईए ने यह आरोप लगाया है कि यह 10 लोग दिल्ली एवं उत्तर भारत के कई इलाकों में आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे.