बिहारः नीतीश के सुशासन में बढ़ता अपराध, अपहरण के बाद आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या
बिहार में इस साल 5 आरटीआई कार्यकर्ताओं की मौत के मामले सामने आए हैं जो कि बीते 8 सालों में सबसे ज़्यादा है.
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज में में अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. ताज़ा मामला एक आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या का है. फुल्लीदुम्मर के रहने वाले 40 वर्षीय भोला साह का पहले अपहरण किया गया और बाद में उसे मौत के घाट उतार दिया.
बताया जा रहा है कि भोला साह ने पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार का खुलासा किया था. इस साल बिहार में अब तक पांच आरटीआई कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले सामने आ चुके हैं. यह आंकड़ा बीते 8 सालों में सबसे ज़्यादा है.
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार पुलिस ने बताया कि मृतक भोला साह ने कई योजनाओं में धन के दुरुपयोग के बारे में जानकारी मांगी थी, जिसके बाद भोला का मृत शरीर बांका में पाया गया. मृतक के भाई विनोद साह ने स्थानीय मुखिया के पति विनोद तांती, स्थानीय शिक्षक समेत छह अन्य लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवाया है.
विनोद साह ने आरोप लगाया है कि तांती अपनी पत्नी की तरफ से स्थानीय पंचायत के काम देखता है और उसने कुछ योजनाओं को कागज़ों पर पूरा दिखाया था. उन्होंने कहा कि मुखिया का पति विनोद तांती सरकारी कार्रवाई होने की आंशका से डरा हुआ था इसलिए भोला साह को निशाना बनाया गया.