चुनाव में जातिवाद का मुद्दा उठाने पर CPM ने अपने पार्टी के नेताओं को लगाई फ़टकार, कहा- हमारा लक्ष्य किसान-मजदूरों की समस्याओं को उठाना था.
पार्टी हाल ही में हुए राजस्थान और तेलंगाना चुनाव में अपने प्रदर्शन की समीक्षा कर रही थी.
हाल में हुए राजस्थान और तेलंगाना विधान सभा चुनावों के दौरान भाजपा को हराने के लिए पार्टी की लाइन से भटकने और जातिवादी चुनाव प्रचार का सहारा लेने के लिए सीपीएम के मुख्य नेतृत्व ने पार्टी के राजस्थान और तेलंगाना के राज्य इकाईयों को फटकार लगाई.
डेक्कन हेराल्ड की एक ख़बर के मुताबिक़ हाल ही में हुए पार्टी के केंद्रीय कमिटी की एक बैठक के दौरान पार्टी के नेताओं ने दोनों राज्यों के राज्य स्तरीय नेताओं के इस रवैये की आलोचना की. कांग्रेस के साथ पार्टी के संबंधों के स्वरूप को लेकर दोनों इकाइयों का पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी के साथ मतभेद रहा है. चुनाव प्रचार के दौरान इन राज्यों में सीपीएम द्वारा सरकार गठन करने की घोषणा की गई थी. इसे पार्टी के केंद्रीय कमिटी ने पार्टी की उन राज्यों में अवस्था को देखते हुए एक अवास्तविक लक्ष्य बताया.
तेलंगाना की पार्टी इकाई को भी अपने उम्मीदवारों की जातिगत पहचान के आधार पर चुनाव प्रचार करने के कारण कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा. यह सभी बातें पार्टी की एक रिपोर्ट में सामने आई हैं. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि जातिवाद फैलाने की कोशिश के बजाय सही कदम उसे कहा जाता जब भाजपा को हराने और सीपीएम, वामपंथी एवं लोकतांत्रिक ताक़तों को बढ़ाने की कोशिश की जाती.