आम आदमी को नहीं है पब्लिक में नेताओं से कुछ भी बोलने का अधिकार, मणिपुर के भाजपाई CM ने सुनाया फरमान
मुख्यमंत्री वीरेन सिंह ने हाल ही में एक पत्रकार के ऊपर देशद्रोह का मुकदमा दायर कर जेल भिजवा दिया था.
पत्रकार को जेल भेजने के बाद आलोचना से घिरे मणिपुर के मुख्यमंत्री एन वीरेन सिंह ने अपनी सफाई पेश करते हुए जनता को नई नसीहत दी है. उन्होंने कहा है कि अगर लोगों को सत्ता में बैठे लोगों से तकलीफ़ हो रही है तो कोर्ट जा सकते हैं, इस तरह पब्लिक में कुछ नहीं बोल सकते.
डेक्कन हेराल्ड की ख़बर के मुताबिक वीरेन सिंह रविवार को इम्फाल में चिकित्सकों के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि चाहे डॉक्टर हों या राजनेता, हम यहां जनसेवा करने आए हैं, लोगों की गालियां सुनने नहीं. अगर आम आदमी सोचता है कि सत्ता में बैठे लोगों से कोई चूक होने पर वह पब्लिकली उन्हें कुछ बोल देंगे तो यह ग़लत है. आप कोर्ट जा सकते हैं.
ग़ौरतलब है कि मणिपुर के मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक स्थानीय टीवी चैनल के पत्रकार किशोरचंद वांगखेम को जेल भिजवा दिया है. आरोप है कि किशोरचंद ने सोशल मीडिया पर एक विडियो पोस्ट करके सरकार की आलोचना की थी. सरकार ने उनके ऊपर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है.