सत्ता से बाहर होते ही किसानों का गला काटने लगे नरेन्द्र मोदी, मध्यप्रदेश में घटाई खाद की सप्लाई
मध्यप्रदेश को 3 लाख 70 हजार मीट्रिक टन खाद की जरूरत है, लेकिन इस महीने राज्य को सिर्फ 1 लाख 90 हजार मीट्रिक टन खाद दी गई है.
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद मोदी सरकार ने मध्यप्रदेश के किसानों पर बदले की भावना से कार्रवाई शुरू कर दी है. केंद्र सरकार ने राज्य में खाद की सप्लाई अचानक से कम कर दी है, जिसके कारण किसान सड़कों पर उतरने को मज़बूर हो गए हैं. वही इस मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अधिकारियों के साथ तत्काल बैठकें शुरू कर दी है. कमलनाथ ने केंद्र सरकार के मंत्रियों से भी इस बारे में बात की है.
न्यूज़18 की ख़बर के अनुसार मध्यप्रदेश को 3 लाख 70 हजार मीट्रिक टन खाद की जरूरत है, लेकिन इस महीने उसे सिर्फ 1 लाख 90 हजार मीट्रिक टन खाद दी गई है. पिछले महीने शिवराज सिंह चौहान ने 3.70 लाख मीट्रिक टन खाद की मांग की थी, लेकिन मोदी सरकार ने 4 लाख 10 हजार मीट्रिक टन खाद दिया. अब जब सरकार भाजपा के हाथ से चली गई है तो केंद्र भेदभाव और मनमानि कर रही है.
इधर, खाद की कमी की वज़ह से किसान सड़कों पर उतर आए हैं. इस आंदोलन की ख़बर मिलते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ ताबड़तोड़ बैठकें की और केंद्र सरकार के उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ और रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात कर जल्द से जल्द 85 रैक खाद की मांग की है. फ़िलहाल सरकार ने मुख्यमंत्री कमलनाथ की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है.