आख़िर मान गई सरकार: नोटबंदी ने ले ली थी 4 लोगों की जान
सरकार ने कहा है कि उसने नोटबंदी से देश पर पड़े प्रभाव का विशेष अध्ययन नहीं किया है.
मोदी सरकार ने आख़िरकार मान लिया है कि नोटबंदी के दौरान अव्यवस्था के कारण आम लोगों की जान गई है. हालांकि सरकार ने कहा है कि उसके पास नोटबंदी के दौरान सिर्फ़ चार लोगों की मौत के आंकड़े मौजूद हैं.
न्यूज़18 की ख़बर के अनुसार राज्यसभा में सीपीआई (एम) के एक सांसद के सवालों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी के दौरान भारतीय स्टेट बैंक के तीन कर्मचारी और एक ग्राहक के मौत होने की रिपोर्ट हमारे सामने आई है. उक्त सांसद ने सरकार से नोटबंदी के प्रभावों के बारे में सवाल पूछा था.
सरकार ने कहा है कि स्टेट बैंक के अलावा किसी अन्य बैंक ने नोटबंदी के कारण हुई मौत की घटनाओं से इनकार किया है. वित्त मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवारों को 44 लाख का मुआवज़ा सरकार ने दे दिया है. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि सरकार ने नोटबंदी से देश के ऊपर पड़े प्रभावों का विशेष अध्ययन नहीं किया है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 के पुराने नोटों को अमान्य घोषित कर दिया था. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सरकार के इस फ़ैसले ने कई लोगों की जान ले ली थी.