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शर्मनाक: बिहार के इस स्कूल ने जाति और धर्म के आधार पर बांटी दी कक्षाएं और रजिस्टर

स्कूल की शिक्षिका का कहना है कि पढ़ाई में सुविधा और योजनाओं की सहूलियत के लिए ऐसा किया गया है.

बिहार के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को जाति और धर्म के आधार पर बांटने का मामला सामने आया है. स्कूल में छात्र-छात्राओं की कक्षा और रजिस्टरों को जाति के आधार पर बांटा गया है.

वैशाली ज़िले के हाजीपुर लालगंज प्रखंड क्षेत्र में जीए उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग के बच्चों को ए वन और ए टू के सेक्शनों में बांट कर पढ़ाया जाता है. यहां तक कि जाति के आधार पर छात्रों के रजिस्टर भी अलग-अलग बनाए गए हैं. पिछले चार सालों से अनुसूचित जाति और मुस्लिम छात्रों की कक्षा में दूसरी जाति के छात्र आते-जाते नहीं हैं.

दैनिक जागरण की ख़बर के अनुसार इस पूरे मामले में स्कूल की प्रधानाध्यापिका मीणा कुमारी का कहना है कि नौंवी कक्षा में कुल 770 छात्र-छात्राएं हैं, जिन्हें 6 अलग-अलग सेक्शनों में पढ़ाया जाता है. वहीं प्रत्येक सेक्शन को दो भागों में बांट गया है जिसमें 70-70 छात्रों की संख्या को वन और टू में बांटा गया है. नौवीं ए वन में केवल अल्पसंख्यक छात्राएं और नौवीं ए टू में केवल अल्पसंख्यक छात्र पढ़ते हैं. वहीं बी वन में सिर्फ अत्यंत पिछड़ा वर्ग की छात्राएं और बी टू में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र शामिल हैं.

जाति के आधार पर कक्षा बंटवारे के संबंध में प्रधानाचार्या मीणा कुमारी का कहना है कि हमने स्कूल के बच्चों की पढ़ाई में सुविधा और योजनाओं की सहूलियत के लिए ऐसा किया है. इसका कहीं से कोई विरोध नहीं है. बच्चों के साथ जातिगत भेदभाव नहीं किया जाता है.

इस मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अरविन्द कुमार तिवारी ने कहा कि हमारे पास यह मामला आया है. पहली नज़र में मामला सत्य प्रतीत होता है. इस मामले की जानकारी ज़िला शिक्षा पदाधिकारी को लिखित रूप से दी गई है.

वहीं बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा का कहना है कि यदि किसी विद्यालय में ऐसी व्यवस्था है तो यह गलत है. जाति के आधार पर बच्चों को वर्गों में बांटना गलत है. मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

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