मोदी की शिक्षाविरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ छात्रों का हल्ला बोल, फ़रवरी महीने में होगा बड़ा आंदोलन
सेव कैंपस, सेव एजुकेशन, सेव नेशन. के नारे के साथ इस प्रदर्शन में देशभर के छात्र शामिल होंगे.
मोदी की सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ किसान और युवाओं के विरोध के बाद अब छात्र और शिक्षाविद भी सड़कों पर उतर रहे हैं. नीतियों के ख़िलाफ़ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन का आयोजन करने वाले हैं.
लोकसभा चुनावों से पहले अगले साल 19 फ़रवरी को एक मार्च को आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है. इस व्यापक मंच का नारा होगा- सेव कैंपस, सेव एजुकेशन, सेव नेशन.
डेक्कन हेराल्ड की ख़बर के अनुसार प्रदर्शन के आयोजकों का कहना है कि विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता पर हमला करने के अलावा मोदी सरकार शिक्षा को सांप्रदायिक बनाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यों का विरोध करने के लिए पूरे देश से हज़ारों लोगों को संगठित करेंगे.
इस विरोध मार्च को पहले से ही कई किसानों और श्रमिक संगठनों का समर्थन मिल चुका है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी ने भी विरोध मार्च को समर्थन देने की घोषणा की है.