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दम तोड़ रही मोदी की “आयुष्मान भारत योजना”, गरीबों के पैसे ऐंठ रहे हैं दलाल

अस्पताल प्रशासन के नज़रों के सामने बिचौलियों द्वारा बीपीएल कार्डधारक मरीज़ों से पैसे लिए जा रहे हैं.

जन स्वास्थ्य की बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसी साल आयुष्मान भारत योजना को हरी झंडी दिखाई. इस योजना का मकसद था ग़रीबी रेखा से नीचे जी रहे भारतीयों को स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैय्या कराना. लेकिन, सरकार इस योजना में बिचौलियों की चांदी कट रही है. जो स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को मुफ्त में मिलनी चाहिए, उसके लिए लोग बिचौलिए के पास पैसे देने को मज़बूर हो रहे हैं.

इस योजना को लेकर देश के हर प्रान्त में समस्याएं देखी जा रही है. ताज़ा मामला झारखण्ड का है. जनसत्ता के मुताबिक रिम्स अस्पताल में दूर दराज़ से लोग इस योजना का लाभ उठाने के लिए आते हैं. लेकिन, ग़रीब मरीज़ों का इलाज यहां भी संभव नहीं हो पा रहा है. एक बीपीएल कार्डधारक मरीज़ ने बताया, “मुफ्त में इलाज की जानकारी पाकर हम यहां आए. लेकिन, यहां कुछ लोगों ने बोला कि फ्री में नहीं होता पैसा लगता है. बोला गया कि 2000 लगेंगे लेकिन 1800 पर बात बनी और डायलिसिस का सामान दिया.”

जनसत्ता के अनुसार डायलिसिस में होने वाले ख़र्च के बारे में रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विवेक कश्यप से पूछने पर मालूम हुआ कि बीपीएल कार्डधारक मरीज़ों के लिए यह सुविधा मुफ्त में उपलब्ध है.

गौरतलब है कि इस मामले की कई लोगों ने कई बार शिकायतें की, लेकिन इन बिचौलियों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई. यह बिचौलिए खुलेआम अस्पतालों में अपना काम करते हैं. यहां तक कि अस्पतालों में अलग-अलग जगहों पर इन बिचौलियों के नंबर दीवारों पर चिपके हुए हैं. यह सब कुछ खुलेआम अस्पताल प्रशासन की नज़रों के सामने हो रहा है लेकिन इसे रोकने के लिए कोई क़दम नहीं उठाये जा रहे हैं.

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