सर्वे में खुलासा: नोटबंदी ने छीन ली लाखों रोजगार, उद्योगों को भी भारी नुकसान
लघु उद्योगों में 35 प्रतिशत, मध्यम उद्योगों में 32 प्रतिशत तथा बड़े उद्योगों में 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. व्यापार क्षेत्र में सबसे अधिक 43 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.
मोदी सरकार की परेशानी बढ़ाने वाली एक सर्वे सामने आई है. इसमें कहा गया है कि 2014 के बाद अब तक देश में रोजगार सृजन में भारी कमी दर्ज की गई है.
ऑल इंडिया मैन्यूफैक्चर्स ऑर्गनाइजेशन (एआईएमओ) के एक ताजा सर्वे के मुताबिक 2014 के बाद देश में मध्यम और लघु उद्योगों में लगातार गिरावट देखी गई है. इसका कारण सरकार के नोटबंदी और जीएसटी जैसे फ़ैसले बताए जा रहे हैं.
लघु उद्योगों में 35 प्रतिशत, मध्यम उद्योगों में 32 प्रतिशत तथा बड़े उद्योगों में 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. व्यापार क्षेत्र में सबसे अधिक 43 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.
एआईएमओ के अध्यक्ष के. ई. रघुनाथन ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा है कि 2014 के बाद देशभर में रोजगार के मुनाफ़े में 70 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि सरकार को इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. सरकार को इसे अतिगंभीरता से लेने की जरूरत है.
ग़ौरतलब है कि एआईएमओ निर्माण और निर्यात से जुड़े करीब 3 लाख मध्यम और लघु उद्योग के संस्थाओं का समूह है. इस सर्वे का सैंपल 34,700 बताया जा रहा है.