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अहंकार के सिर से हटा ताज: भाजपा का पतन, हिन्दी पट्टी के राज्यों में कांग्रेस की बम्पर जीत

पिछले साल 11 दिसम्बर को ही राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष का जिम्मा संभाला था, एक साल के भीतर यह राहुल गांधी की बड़ी उपलब्धि है.

देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम पूर्ण रूप से घोषित हो चुके हैं. तीन हिन्दी भाषी राज्यों (मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़) में कांग्रेस की सरकार बन रही है. राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस बहुमत के साथ सरकार बना रही है. मध्यप्रदेश में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है. भाजपा को इन राज्यों में करारा झटका लगा है. सभी राज्यों से उसकी सरकार जा रही है.

230 सदस्यों वाली मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस को 114 और भाजपा को 109 सीटें मिली हैं. मायावती की बहुजन समाज पार्टी को 2 सीटें मिली हैं. वहीं समाजवादी पार्टी को 1 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 4 सीटें मिली हैं.

199 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस को 99, भाजपा को 73 सीटें मिली हैं. वहीं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) ने 2 सीटें हासिल की. बहुजन समाज पार्टी को 6, भारतीय ट्राइबल पार्टी को 2, राष्ट्रिय लोक दल को 1 और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को 3 सीटें मिली हैं. निर्दलीय उम्मीदवारों ने 13 सीटों पर अपनी जीत दर्ज की. वहीं 90 सीटों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस को 68, भाजपा को 16 और अन्य को 6 सीटें मिली है. यहां कांग्रेस प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बना रही है.

तेलंगाना विधानसभा चुनाव में के चंद्रशेखर राव की पार्टी टीआरएस और असीदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के गठबंधन ने बहुमत हासिल की है. इस गठबंधन को 119 सदस्यों वाली विधानसभा में 88 सीटें मिली हैं. यहां कांग्रेस गठबंधन को मात्र 21 सीटें हासिल हुई हैं.

पूर्वोत्तर के राज्य मिज़ोरम में कांग्रेस के हाथों से सरकार जा चुकी है. यहां मिजो नेशनल फ्रंट ने 26 सीटों पर जीत हासिल की है. यहां कांग्रेस को 5 और भाजपा को 1 सीट मिली है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इस दौरान गांधी ने इस जीत का श्रेय पार्टी के कार्यकर्ताओं, युवा, किसान और छोटे दुकानदारों आदि को दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ऊपर एक बड़ी ज़िम्मेदारी आ गई है, हमें उसे पूरा करना है. इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा के साथ उनके वैचारिक मतभेद हैं लेकिन, वे भाजपा मुक्त भारत बनाने की बात नहीं करेंगे.

चुनाव परिणामों के घोषित होते ही इन राज्यों में मुख्यमंत्री के दावेदारों पर अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं. बुधवार को दिन में कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसके बाद विधायक दल की बैठक और आलाकमान के फ़ैसले के बाद मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी.

मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने 11 दिसम्बर को कमल नाथ के नेतृत्व में सरकार बनाने का निर्णय का लिया. पार्टी ने मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को एक चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने देर रात ही राज्यपाल से मिलने का समय मांगा था. कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा करने जा रही है.

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