फ़ेल हुई उज्ज्वला योजना: लोगों के पास नहीं है महंगे सिलिंडर खरीदने के पैसे
पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि आधे से ज़्यादा लाभार्थियों ने अपने सिलिंडरों को तीसरे बार नहीं भराया.
केंद्रीय पेट्रोलियम और तेल मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना के लाभार्थियों को सिलिंडर दोबारा भरवाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. अधिकतर लाभार्थी अब एलपीजी सिलिंडरों को दोबारा भरने का विकल्प नहीं चुन रहे हैं.
आंकड़ों के मुताबिक जुलाई 2018 तक करीब 4.70 करोड़ लोगों ने इस योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन का चयन किया था. हालांकि दूसरी बार सिर्फ 2.70 करोड़ लगभग 58 प्रतिशत लोगों ने दूसरी बार अपने एलपीजी सिलिंडरों को भरवाया. लेकिन, यह संख्या तब गिर गई जब लगभग 2.07 करोड़ यानी लगभग 44 प्रतिशत लोगों ने तीसरी बार अपने एलपीजी सिलिंडरों को फिर से भरवाया.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक नीति विशेषज्ञ देवेंद्र शर्मा बताया कि लगभग 58 प्रतिशत किसान खाली पेट सोते हैं. 2016 के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि 17 राज्यों में किसानों की औसत आय सालाना लगभग 20,000 रुपए है. यदि यह स्थिति है, तो वे सिलिंडर दोबार फिर से कैसे भर सकते हैं?
आंकड़ों में यह भी कहा गया कि हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे अमीर राज्यों में लगभग 80 प्रतिशत लोग अपने एलपीजी सिलिंडरों को दुबारा भराया थे. हालांकि, झारखंड, असम, मिजोरम, नागालैंड और ओडिशा जैसे गरीब राज्यों में 50 प्रतिशत से कम लोगों ने दूसरी बार अपने एलपीजी सिलिंडरों को भराया.