उत्तरप्रदेश: लखनऊ में मारे गए भाजपा नेता ने ख़ुद ही बनाई थी अपने हमले की योजना, आरोपी गिरफ़्तार
भाजपा नेता पुलिस सुरक्षा की मांग करना चाहता था और इस हमले में वह चार मुस्लिम युवाओं को भी शामिल करना चाहता था.
लखनऊ में 3 दिसंबर को कथित रूप से भाजपा नेता प्रत्यूष मणि त्रिपाठी हत्या मामले में चौकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में पता चला है कि भाजपा नेता ने ही ख़ुद पर हमला करवाने की योजना बनाई थी.
त्रिपाठी ने पुलिस सुरक्षा का दावा करने के लिए अपने दोस्तों के साथ हमले की योजना बनाई थी. जागरण की ख़बर के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कलानिधि नाथानी ने कहा कि घटनास्थल से कुछ दूर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में प्रत्यूष के कुछ परिचित लोग बाइक से भागते हुए नज़र आए थे. इस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया, जिसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है.
रिपोर्ट के अनुसार, त्रिपाठी ने अपने दोस्त आशीष कुमार को चाकू से हमला करने को कहा था. लेकिन जब कुमार ने इनकार कर दिया, तो त्रिपाठी ने अपने एक अन्य दोस्त अनिल राणा को इस अपराध को अंजाम देने के लिए राज़ी किया. राणा ने त्रिपाठी के कंधे पर हमला किया था. घाव चूंकि गहरा नहीं था इसलिए त्रिपाठी ने उससे दोबारा वार करने के लिए उकसाया. राणा ने चाकू से त्रिपाठी की छाती पर वार कर दिया. इस पूरी वारदात को बादशाहनगर के पास अंजाम देने की सलाह दी थी.
हमले के बाद त्रिपाठी ने अपने दोस्तों को ट्रामा सेंटर में हंगामा करने और पुलिस व मीडिया को बुलाने के लिए कहा था. भाजपा नेता की मौत के बाद ख़ुद को बचाने के लिए आरोपियों ने साथियों के साथ मिलकर हंगामा और पुलिस से अभद्रता की थी. फिलहाल पुलिस ने पांचों आरोपी अनिल कुमार राणा, आशीष अवस्थी, महेंद्र गुप्ता, प्रभात कुमार उर्फ ऋषि और अमित अवस्थी को गिरफ़्तार कर लिया है.
पुलिस सुरक्षा प्राप्त करने की इस योजना में त्रिपाठी सलमान, जीशान, अदनान और शिबू नामक चार मुस्लिम व्यक्तियों को भी शामिल करना चाहता था जिनके साथ 25 नवंबर को उसने विवाद किया था.