रमन’ राज’ : इंसान और जानवर में फ़र्क मिटा, नाले का गंदे पानी पीने को मजबूर लोग
सरकारी महकमा इस बात से अनभिज्ञ है.
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर ज़िले के प्रतापपुर विकासखंड में स्थित गांव के हालात कुछ ऐसे हैं कि लोगों और मवेशियों के बीच अंतर मिट गया है. जिस गंदे नाले में मवेशी जानवर अपनी प्यास बुझाने आते हैं उसी नाले का गंदा पानी पीने के लिए गांव के मासूम बच्चे विवश हैं. गांव के लोग भी प्रतिदिन के कार्यों के लिए गंदे नाले के पानी का उपयोग करते हैं. लेकिन सरकारी महकमा इस बात से ही अनभिज्ञ है.
पत्रिका की ख़बर के अनुसार प्रतापपुर विकासखंड ग्राम पंचायत भेड़िया के गांव कोड़ाकूपारा और महुआडांड़ में कुल 50 घर मौजूद हैं. यहां पेयजल की समस्या बहुत विकराल रूप ले चुकी है. कोड़ाकूपारा में मात्रा एक हैंडपंप लगा हुआ है जो काफी समय से खराब है और महुआडांड़ में तो हैंडपंप ही नहीं है.
महुआडांड़ में माध्यमिक स्कूल में भी हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है. जबकि इस स्कूल में 36 बच्चे पढ़ते हैं और पास की आंगनबाड़ी में भी 25 बच्चे पढ़ते हैं. बावजूद इसके स्कूल में पीने के पानी का एक हैंडपंप भी नहीं है. आंगनबाड़ी और स्कूल के बच्चें हर दिन दोपहर का भोजन करने के बाद मजबूर होकर गंदे नाले का पानी पीने पहुंच जाते हैं. नाले में गड्ढा बनाकर हाथों में पानी समेटकर ये बच्चे अपनी प्यास बुझाते हैं. यही नहीं गांव के लोग भी हर रोज़ 200 मीटर दूर स्थित गंदे नाले का पानी भरने के लिए जाते हैं.
गांव में हैंडपंप की व्यवस्था और पेयजल की समस्या पर न तो प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही चुनाव में वोट की अपील करने वाले नेताओं ने समस्या के समाधान में रुचि दिखाई. अब हालात यह है कि गांव के लोगों और स्कूल के बच्चों को गंदे नाले का पानी पीना पड़ रहा है.
गांव के लोगों जानते हैं कि नाले का पानी बहुत गंदा और पीने योग्य नहीं है. लेकिन ग्रामीण लोगों के पास पेयजल का दूसरा विकल्प न होने की स्थिति में गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हैं. हालांकि पानी की समस्या को लेकर सरकारी जनप्रतिनिधि लिखित और मौखिक तौर पर शिकायत करने का दावा कर रहे हैं. भेड़िया गांव की सरपंच संगीता देवी का कहना है कि “हमने पानी की समस्या को लेकर कई बार जनपद में शिकायत की है. लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई. अब क्या करें.” वहीं दूसरी ओर प्रतापपुर के बीईओ जनार्दन सिंह ने कहा, “मैंने पूरे ब्लॉक में पानी की समस्या को लेकर आला अधिकारियों को पत्र भेजा है. लेकिन अभी तक समस्या के समाधान के लिए पहल नहीं हुई है.” सूरजपुर के कलेक्टर के.सी देवसेनापति ने का कहना है कि “हमें इस समस्या की जानकारी मिली है. अगर वहां पानी की समस्या है तो अधिकारियों से कह कर तत्काल व्यवस्था करवाई जाएगी.”