अयोध्या में मिली थी बुद्ध की मूर्तियां, बौद्ध मंदिर का निर्माण कराए सरकार: चंद्रशेखर आज़ाद
आज़ाद सोमवार को अयोध्या जा रहे हैं.
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद ने दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस वार्ता का आयोजन किया. इसमें उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान बुद्ध की मूर्ति मिली थी, इसलिए वहां बुद्ध का मंदिर बनना चाहिए. लेकिन, यह तभी मुमकिन होगा जब बहुजन और पिछड़ा समाज एकजुट होकर अपनी ताकत को महसूस करेंगे.
चंद्रशेखर ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण को लेकर चल रहे विवाद के बीच वे सोमवार को अयोध्या जाने वाले हैं और वहां संविधान की एक कॉपी ज़िलाधिकारी को सौंपकर जिले में संविधान का पालन करने के लिए कहेंगे.
अयोध्या में विश्व हिन्दू परिषद् की धर्म सभा पर चंद्रशेखर ने कहा कि आज देश का संविधान खतरे में है. जब सांप्रदायिक पार्टियों को सत्ता की आवश्यकता होती है, वे अयोध्या पहुंच जाते हैं. अयोध्या में मौजूदा माहौल को देखकर 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस की याद आ जाती है. भाजपा यह दिखावा केवल अपनी विफलता को छिपाने के लिए कर रही है.
प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए शेखर ने कहा, “26 नवंबर को देश का संविधान बनकर तैयार हुआ था, लेकिन अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए धर्मसभा के आयोजन से यह बात सबित होती है कि वे लोग संविधान का पालन नहीं करते और संविधान के हिसाब से नहीं चलते हैं. मैं एक नागरिक होने के नाते मोदी जी को बताना चाहता हूं कि ये देश संविधान पर चलता है, इसलिए उन्हें और उनकी पार्टी को संविधान का पालन करना पड़ेगा. मोदी जी भूल गए हैं कि उन्होंने देश के संविधान की शपथ ली थी. और कहा था कि देश की सुरक्षा करेंगे. जिस कुर्सी पर वे बैठे हैं वो संविधान की वजह से है. यदि वे संविधान की सुरक्षा नहीं कर सकते तो उस कुर्सी को खाली कर दें.”
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “मैं भीम आर्मी के नाम से सामाजिक संगठन चलाता हूं और आगामी चुनावों में किसी भी राजनीतिक दल का साथ नहीं देने वाला हूं. मैं राजनीति नहीं करना चाहता. मैं केवल सामाजिक काम करता हूं, बहुजनों के हित की बात पहले करता हूं. कमजोर और ताकतवर लोगों में समझौते नहीं होते हैं और इसलिए हम बहुजनों को ताकतवर बनाना चाहते हैं फिर ताकतवर और कमज़ोरों के बीच समझौते होगें.”
मायावती के आरोपों का जवाब देते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि बहन जी ने कहा था कि सहानरपुर में उनकी हत्या की साज़िश की गई थी. लेकिन, मैं मीडिया के माध्यम से कहना चाहता हूं कि भीम आर्मी और चंद्रशेखर उनके साथ हैं. सहारनपुर या पूरे देश में उनको कोई हाथ नहीं लगा सकता.
चन्द्रशेखर ने कहा कि आज की राजनीति का स्तर तो इतना गिर गया है कि मेरे परिवार की तस्वीरें खींच कर सोशल मीडिया पर डाली जाती हैं. उन्हें मुझसे जोड़कर गालियां दी जाती है. लेकिन, भाजपा साम-दाम-दंड-भेद सीबीआई, इडीबीआई कुछ भी लगा ले, हम बहुजन समाज के लिए लड़ते रहेंगे, हमने इसके लिए संकल्प लिया है.
अयोध्या जाने की अपनी रणनीति पर रावण ने कहा कि मैं संविधान की कॉपी लेकर कल अयोध्या जाऊंगा और वहां के डीएम से बात करूंगा कि जिले के लोगों को सुरक्षा का माहौल दीजिए. आपको ये कुर्सी जनता की सेवा करने के लिए दी गई है. सरकारी अधिकारी स्वयं को सरकार का एजेंट न समझे वे जनता के नौकर हैं. इसी की तनख़्वाह वे लोग लेते हैं.
चंद्रशेखर ने कहा, “जिस सुनियोजित हिंसा की तैयारी के लिए अयोध्या में हथियार भेजे गए हैं उसे रोकने जा रहा हूं. मैं देश के लोगों को मरने नहीं दूंगा. ये देश हमारा है. लोकतंत्र लोगों से होता है. जब लोग ही नहीं रहेंगे तो कैसा लोकतंत्र. अयोध्या में भीम आर्मी की टीम है.”
योगी सरकार द्वारा नाम बदलो मुहिम पर तंज कसते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि अब तो सबका नाम बदल रहे हैं अयोध्या का नाम साकेत है. इसलिए अयोध्या का नाम बदलकर साकेत कीजिए ताकि सब लोगों को पता लगे.