1992 की तरह मुसलमान हैं ख़ौफ़ में, अयोध्या छोड़ने को होना पड़ेगा मजबूर- बाबरी मस्जिद के मुद्दई इक़बाल अंसारी
इक़बाल अंसारी ने कहा कि अगर सरकार 25 नवंबर से पहले उनकी सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था नहीं करती है, तो वे अयोध्या छोड़कर कहीं और जाने को मजबूर होंगे.
राम मंदिर निर्माण को लेकर आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के द्वारा घोषित रैली से अल्पसंख्यक समुदाय ख़ौफ़ में हैं. इसको लेकर बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी ने चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा है कि “1992 की तरह ही एक बार फिर से अयोध्या के मुसलमानों को डराने की कोशिश हो रही है. अगर सरकार 25 नवंबर से पहले उनकी सुरक्षा की मुक़म्मल व्यवस्था नहीं करती है, तो वे अयोध्या छोड़कर कहीं और जाने को मजबूर होंगे.”
2 security personnel have been deployed for my protection.Several people come to meet me,many others come to me,it poses danger to me.I've said if my security isn't heightened,I'll leave for somewhere else before 25 Nov: Iqbal Ansari, litigant in Ayodhya land dispute case (14.11) pic.twitter.com/hFehC4dVXK
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 15, 2018
गौरतलब है कि विश्व हिंदू परिषद ने ऐलान किया है कि तकरीबन एक लाख लोग अयोध्या पहुंचकर सुप्रीम कोर्ट के कार्यवाही के प्रति अपना असंतोष जाहिर करेंगे. आरएसएस ने भी दिल्ली में मेगा रैली आयोजित करने की बात कही है.
अंसारी ने कहा कि 1992 में मुसलमानों के घर जला दिए गए थे. जब हम विवादित ढांचा के पास गए भी नहीं थे. अगर इसबार भी 1992 के तरह भीड़ जुटेगी तो अयोध्या के मुसलमानों के सुरक्षा दी जानी चाहिए.
Our houses were burnt down in 1992 even when we didn't go there (disputed land). I've asked for security for Hindus&Muslims in Ayodhya. If crowd pours in here,like 1992,Muslims of Ayodhya&I should also be given protection: Iqbal Ansari,litigant in Ayodhya land dispute case(14.11) pic.twitter.com/VoFeWZF2n8
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 15, 2018
इकबाल अंसारी ने कहा कि “सरकार ने उनकी सुरक्षा में दो सुरक्षाबलों को तैनात किया था, लेकिन यह सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त नहीं है. इसलिए उन्होंने सरकार से मांग की है कि अब सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए वरना उन्हें अयोध्या छोड़ कर कहीं और जाना होगा.