मध्यप्रदेश चुनाव: घोषणा पत्र में कांग्रेस का वादा- सरकार बनी तो व्यापमं को बंद कर उम्मीदवारों के पैसे लौटाएंगे
पार्टी ने कहा है कि अगर राज्य में उसकी सरकार बनती है तो बारहवीं में 70 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्रों को लैपटॉप दिया जाएगा.
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. इसमें पार्टी ने कहा है कि अगर राज्य में उसकी सरकार बनती है, तो व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) को बंद कर दिया जाएगा और पिछले 10 साल में इसकी परीक्षाओं में शामिल हुए लाखों उम्मीदवारों की फ़ीस वापस लौटाई जाएगी.
कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र का नाम ‘वचन पत्र’ रखा है. प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने शनिवार को कहा, ‘‘प्रदेश में सत्ता में आने पर कांग्रेस व्यापमं को बंद कर उसके स्थान पर राज्य कर्मचारी चयन आयोग का गठन करेगी.’’ उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनने पर शासकीय, सार्वजनिक उपक्रम एवं निकायों के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए राज्य कर्मचारी चयन आयोग का गठन किया जाएगा. परीक्षाओं तथा साक्षात्कार के आयोजन की पारदर्शी, निष्पक्ष एवं स्थानीय योग्य उम्मीदवारों को अधिक अवसर प्रदान करने वाली भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था लागू की जाएगी.
ग़ौरतलब है कि मध्यप्रदेश में सरकारी पदों सहित चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए मध्यप्रदेश व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा परीक्षा ली जाती है. इस मंडल को इसके लघु हिन्दी नाम व्यापमं से जाना जाता है. व्यापमं में बहुचर्चित प्रवेश घोटाला होने के बाद इसका नाम बदलकर अब एमपी प्रोफ़ेशनल एक्ज़ामिनेशन बोर्ड कर दिया गया है. छह साल पहले सामने आये व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है.
कांग्रेस ने अपने “वचन पत्र” में ट्रांसजेंडर बोर्ड के गठन की भी घोषणा की है. इसके साथ ही पार्टी ने 12वीं बोर्ड की परीक्षा में 70 प्रतिशत अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटाप देने तथा कॉलेज जाने वाली कन्याओं को दो पहिया वाहन रियायती ब्याज़ पर दिलाने का वादा भी किया है. कांग्रेस ने गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिए कानून बनाने तथा उन्हें 35 किलो गेहूं और चावल एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर देने का भी वादा किया है. कांग्रेस ने प्रदेश में विधान परिषद् के गठन का भी वादा किया है.
पीटीआई इनपुट्स पर आधारित