सीबीआई विवाद: सर्वोच्च न्यायालय ने कहा- कोई नया फ़ैसला नहीं ले सकेंगे एम नागेश्वर राव, 10 दिनों के भीतर पूरी हो जांच
मुख्य न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में केंद्रीय सतर्कता आयोग ‘सीवीसी’ इस मामले की जांच करेगी।
सीबीआई में चल रहे गतिरोध को लेकर सीबीआई निदेशक ने सर्वोच्च न्यायालय में सरकार के फ़ैसले को चुनौती दी है। आलोक वर्मा की इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्रीय सतर्कता आयोग से 10 दिनों के भीतर इस मामले की जांच पूरी करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश की निगरानी में यह जांच की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एम नागेश्वर राव नियमित कार्यों के अलावे कोई नया फ़ैसला नहीं ले सकते हैं।
CJI Ranjan Gogoi states, "CVC will carry on probe in 10 days under the supervision of a judge of this court. M Nahgeshwar Rao shall perform only routine task. Change of investigating officer by CBI will be furnished in sealed cover on 12 of November before SC." #CBIDirector
— ANI (@ANI) October 26, 2018
इससे पहले मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा था कि दस दिनों के भीतर इस मामले की जांच पूरी की जाए। मुख्य न्यायाधीश के इस फ़ैसले से आपत्ति जताते हुए सोलिसिटर जनरल ने कहा था कि 10 दिनों का समय इस जांच के लिए अपर्याप्त है।
ग़ौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया है। विपक्षी दलों ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। इधर, सरकार के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ आलोक वर्मा ने सर्वोच्च न्यायालय में अर्ज़ी दी है। सुप्रीम कोर्ट आज इस मामले में सुनवाई कर रही है।