क्या छुट्टी पर भेजने के बाद सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की जासूसी करा रही है मोदी सरकार?
सीबीआई निदेशक के घर के पास से दो संदिग्धों को ग़िरफ़्तार किया गया है। इनके पास से आईबी के कार्ड और कई मोबाइल फ़ोन बरामद किए हैं।
सीबीआई में चल रहा तूफान हर रोज नया रूप अख़्तियार कर रहा है। सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के छुट्टी पर भेजे जाने के बाद उनके घर के पास से दो संदिग्ध लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। कहा जा रहा है कि ये दोनों संदिग्ध वर्मा के घर के पास जासूसी के सिलसिले में आए थे।
फिलहाल पुलिस इन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इनके पास से आईबी (इंटैलिजेंट ब्यूरो) के कार्ड और कई फ़ोन भी बरामद किए गए हैं। ये लोग बुधवार रात को दो गाड़ियों से आलोक वर्मा के घर के बाहर पहुंचे थे।
दरअसल, गुरुवार की सुबह चार व्यक्ति आलोक वर्मा के आवास के बाहर हंगामा कर रहे थे। जिसके बाद सुरक्षा गार्ड ने उनमें से दो को पकड़ कर घर के अंदर ले गए और पूछताछ की। आजतक की ख़बर के मुताबिक इस मामले में गृह मंत्रालय के सूत्रों से ख़बर मिली है कि आईबी की कुछ यूनिट दिल्ली के चुनिंदा इलाकों में हाई सिक्योरिटी जोन के अंतर्गत पेट्रोलिंग करती है। इस मामले में गृह मंत्रालय विस्तार से अपना बयान जारी करेगा।
सरकार ने रिश्वतख़ोरी का आरोप लगने के बाद सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया है। आलोक वर्मा ने सरकार के इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख़ तय की है।