सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की कोशिश करने वाली रेहाना का बीएसएनएल ने ट्रांसफ़र किया
रेहाना फ़ातिमा केरल में बीएसएनएल के तकनीशियन के तौर पर काम करती हैं।
केरल के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की कोशिश करने वाली रेहाना फ़ातिमा को अब समाज अपने तरीके से प्रताड़ित कर रहा है। पहले केरल मुस्लिम जमात काउंसिल ने उन्हें मुस्लिम समाज से बहिष्कृत कर दिया और अब बीएसएनएल (भारतीय संचार निगम लिमिटेड) ने उनका तबादला कोच्चि के पलारीवत्तोम टेलीफ़ोन एक्सचेंज में कर दिया गया है। रेहाना फ़ातिमा बीएसएनएल की कर्मचारी हैं।
सबरीमाला कर्म समिति ने मंगलवार को पलारीवत्तोम के बीएसएनएल दफ़्तर तक विरोध मार्च निकाल कर फ़ातिमा के निष्कासन की मांग की थी। केरल मुस्लिम जमात काउंसिल ने ‘लाखों हिंदू श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत करने’ का आरोप लगाकर फ़ातिमा को मुस्लिम समुदाय से बहिष्कृत कर दिया था।
फ़र्स्टपोस्ट की ख़बर के मुताबिक़ स्थानीय बोट जेटी शाखा की ग्राहक सुविधा इकाई में तकनीशियन के तौर पर काम करने वाली फ़ातिमा का मंगलवार को पलारीवत्तोम टेलीफ़ोन एक्सचेंज में तबादला कर दिया गया है। फ़ातिमा के सहकर्मियों का कहना है कि फ़ातिमा ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में कभी भी कोई लापरवाही नहीं बरती।
बता दें कि रेहाना फ़ातिमा केरल की महिलाओं के अधिकारों को लेकर हमेशा आवाज़ उठाती रहीं हैं। रेहाना एक मॉडल/एक्टिविस्ट हैं। 31 साल की रेहाना दो बच्चों की मां हैं।
रेहाना महिलाओं के शरीर को लेकर समाज में बनी रुढ़ियों के ख़िलाफ़ समय-समय पर प्रदर्शन करती रहती हैं।
अभी हाल ही में केरल के एक प्रोफ़ेसर ने अपनी छात्राओं के शरीर के अंगों को तरबूज़ की तरह बताया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसका विरोध करते हुए कई महिलाओं ने तरबूज़ के साथ अपनी फ़ोटो पोस्ट की थी। इस मुहिम की शुरुआत रेहाना फ़ातिमा ने ही की थी।
रेहाना इससे पहले किस ऑफ़ लव मुहिम में भी हिस्सा ले चुकी हैं। इसके अलावा रेहाना केरल के त्रिशूर में ओणम पर टाइगर डांस करने वाली भी पहली महिला हैं। उनसे पहले यह पारंपरिक नृत्य केवल पुरुषों द्वारा ही किया जाता था।