प्रधानमंत्री का मैसेज है- जो राफ़ेल के इर्द गिर्द आएगा, हटा दिया जाएगा, मिटा दिया जाएगा- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा है कि सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा ने राफ़ेल विमान सौदे की जांच के लिए सरकार से फाइल मांगी थी, जिसके कारण सरकार ने उन्हें छुट्टी पर भेज दिया है।
सीबीआई में चल रहे गतिरोध के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा है कि सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा ने राफ़ेल विमान सौदे की जांच के लिए सरकार से फाइल मांगी थी, जिसके कारण सरकार ने उन्हें छुट्टी पर भेज दिया है।
अपने फ़ेसबुक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, ‘CBI चीफ आलोक वर्मा राफेल घोटाले के कागज़ात इकट्ठा कर रहे थे। उन्हें जबरदस्ती छुट्टी पर भेज दिया गया। प्रधानमंत्री का मैसेज़ एकदम साफ है जो भी राफेल के इर्द-गिर्द आएगा, हटा दिया जाएगा, मिटा दिया जाएगा। देश और संविधान खतरे में हैं।’
https://www.facebook.com/rahulgandhi/posts/578997055868020
राजस्थान के झालावाड़ में रैली को संबोधित करते हुए भी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कल रात चौकीदार ने सीबीआई के चीफ़ को हटाया, क्योंकि सीबीआई राफ़ेल सौदे पर सवाल उठा रही थी।
ग़ौरतलब है कि सीबीआई के दो सबसे वरिष्ठ अधिकारियों को सरकार ने लंबी छुट्टी पर भेज दिया है। लंबी छुट्टी पर भेजे जाने के सरकार के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने सर्वोच्च न्यायालय में अर्ज़ी दी है। न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के लिए 26 अक्टूबर की तारीख़ तय की है।
कानून के जानकारों का कहना है कि सरकार ने संविधान के नियमों को ताक पर रखकर सीबीआई निदेशक को हटाया है। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक सीबीआई निदेशक का कार्यकाल कम से कम दो साल का होता है, इससे पहले सरकार उन्हें पद से नहीं हटा सकती।
CBI Director's minimum tenure is 2 years; he can't be removed prematurely by the Govt. But, in order to protect #RakeshAsthana they (BJP Govt) decided to remove #AlokVerma: Lawyer and Activist @pbhushan1 on #CBIVsCBI pic.twitter.com/yQrstVC6Rt
— ET NOW (@ETNOWlive) October 24, 2018