भीड़ द्वारा हमले के शिकार हुए मोतिहारी विश्वविद्यालय के शिक्षक की मानसिक दशा पर पड़ा गहरा असर, अटल बिहारी वाजपेयी पर लिखे गए पोस्ट के लिए बनाया गया था निशाना
एम्स के डॉक्टरों ने कहा ने मनोचिकित्सकों से परामर्श लेने की सलाह दी।
मॉब लिंचिंग के शिकार हुए मोतिहारी केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षक की मानसिक दशा बिगड़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि संजय उस अपमानजनक हादसे से उबर नहीं पा रहे हैं। उन पर मानसिक रूप से अंसतुलित होने का ख़तरा मंडरा रहा है। उन्हें अब मनोचिकित्सकों से परामर्श लेनी होगी।
ज्ञात हो कि 17 अगस्त को संजय कुमार को उनेक घर से घसीटकर बुरी तरह पीटा गया था और उन्हें ज़िंदा जलाने की भी कोशिश की गई थी। इस पूरी घटना का बाक़ायदा वीडियो भी बनाया गया और उसे वायरल किया गया था।
घटना के बाद बुरी तरह घायल संजय कुमार को पीएमसीएच ले जाया गया जहां से फिर उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के एम्स लाया गया।
दरअसल, संजय सामाजिक मुद्दों पर काफी सक्रिय रहते हैं। वे अपने विश्वविद्यालय में भी कुलपति द्वारा कथित तानाशाही के खिलाफ भी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे। उन्हें निशाना तब बनाया गया जब उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर एक फ़ेसबुक पोस्ट लिखा था। इस पोस्ट के लिए उन्हें घर से निकालकर न सिर्फ़ पीटा गया बल्कि उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए थे। फिर उनसे जबरदस्ती अटल महान हैं भी कहलाया गया।
मीडिया विजिल की एक रिपोर्ट के अनुसार संजय कुमार द्वारा दी गई तहरीर में कहा गया कि वे कुलपति के ख़िलाफ़ आंदोलन में शामिल हैं और इसलिए ही उन पर यह हमला हुआ है।
उधर अब तक मोतिहारी विश्वविद्यालय में शिक्षकों का आंदोलन जारी है। शिक्षक संघ कुलपति को हटाने की मांग पर अड़ा है।