योगी सरकार ने केंद्र के मातृत्व योजना पर खर्च नहीं किया पैसा, आरटीआई से मिली जानकारी
इस योजना के लिए 29 राज्यों और 9 केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित राशि में सबसे ज़्यादा राशि, 336 करोड़ रुपये, उत्तरप्रदेश को आवंटित होता है।
प्रधानमंत्री मित्रात्व वंदना योजना में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को योजना के तहत राशि सहायता दी जाती है। लेकिन उत्तर-प्रदेश में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री योजना में से एक भी पैसा खर्च नहीं किया जाता है। समाचार एजेंसी (आईएएनएस) की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उ.प्र में इस योजना के तहत नामांकित महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। लेकिन उनमें से किसी भी महिला को योजना के तहत सहायता नहीं मिल रही है।
यूपीए-2 के कार्यकाल में 2010 में शुरू की गई इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना (आईजीएमएसवाई) का नाम बदल कर मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) कर दिया था। मोदी सरकार ने 31 दिसंबर 2016 को इसे अखिल भारतीय योजना के रूप में लागू किया था। इस योजना के लिए 29 राज्यों और 9 केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित 2,049 करोड़ रुपये में सबसे ज़्यादा राशि, 336 करोड़ रुपये, उत्तरप्रदेश को आवंटित होता है।
गौरतलब है कि एक आरटीआई के जवाब में महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) मंत्रायल ने बताया कि जनवरी 2017 में इस योजना की घोषणा के बाद देशभर में 44 लाख महिलाओं में से यूपी में मात्र 184 महिलाओं ने इस योजना के तहत नामांकन किया। आरटीआई ने खुलासा किया है कि पूरे देश में लगभग 34 लाख महिलाओं को इस योजना से लाभान्वित हुई हैं लेकिन इनमें से कोई भी महिला उत्तरप्रदेश से नहीं है।