भागीदार-चौकीदार: कीर्ति आज़ाद ने पूछा, जब जेटली को माल्या के देश छोड़ने की थी सूचना फिर विदेश भागने से क्यों नहीं रोका?
कीर्ति आज़ाद ने कहा, इस मामले में दाल में काला है या फिर पूरी दाल काली है? मामला गड़बड़ है।
भारत छोड़ने को लेकर अरुण जेटली को जानकारी देने के संबंध में माल्या के दिए गए बयान पर देश में राजनीतिक पारा ऊपर चढ़ गया है। विपक्षी पार्टी के साथ बीजेपी के बाग़ी नेताओं ने भी सरकार को इस मामले में स्पष्टीकरण देने की मांग की है। बीजेपी से निलंबित सांसद कीर्ति आज़ाद ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि माल्या के बयान के बाद अब दाल में काला नहीं बल्कि अब पूरी दाल ही काली दिख रही है। मामला गड़बड़ है।
कीर्ति आज़ाद ने ट्वीट करते हुए अरुण जेटली पर हमला बोला, ” जब अरुण जेटली को मालूम था कि विजय माल्या लंदन जा रहा है तो फिर जेटली ने ईडी और सीबीआई को सूचना क्यों नहीं दी? उसे विदेश भागने से रोका क्यों नहीं ? दाल में काला है या फिर पूरी दाल काली है? मामला गड़बड़ है।
#JabJaitleyMetMallya फिर क्या हुआ? जब @arunjaitley को मालूम था कि विजय माल्या लंदन जा रहा है और उसके ऊपर करोड़ों का कर्ज है तो फिर जेटली ने #ED #CBI एजेंसियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी? उसे विदेश भागने से रोका क्यों नहीं? दाल में काला है या फिर पूरी दाल काली है? मामला गडबड़ है https://t.co/Lz1ddiODwh
— Kirti Azad (@KirtiAzaad) September 12, 2018
आज़ाद के इस ट्वीट के बाद कई प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अशोक शर्मा नाम का एक यूज़र आईडी ट्वीट के रिप्लाई में लिखता है, “समझ नहीं आ रहा था कि माल्या और नीरव मोदी भागने में कैसे कामयाब हो गए…अब पता चला कि माल्या तो जेटली जैसे बुद्धिमान वकील से सलाह-मशवरा कर भागा है…रही बात नीरव मोदी और मेहुल भाई की तो उनको सलाह और सहयोग किससे मिला होगा यह समझने के लिए अब अधिक दिमाग खपाने की ज़रूरत नहीं।” इसी प्रकार ट्विटर में कई लोगों ने पक्ष-विपक्ष में ट्वीट और रिट्वीट किए।
गौरतलब है कि कल देर शाम जारी बयान में माल्या ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उन्होंने जेटली को साफ़-साफ़ बताया था कि वो भारत छोड़ने वाला है। और तो और, माल्या ने यह भी कहा है कि उनकी मुलाक़ात संसद में ही हुई थी क्योंकि माल्या और जेटली दोनों ही राज्य सभा सांसद थे।
वहीं अरुण जेटली ने लिखित बयान में स्वीकार किया कि वे माल्या से मिले थे। किंतु उस मुलाक़ात में ‘सेटलमेंट’ की किसी बात से इंकार किया।