राफेल विमान सौदे में घोटाला कल्पना से परे, जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति की मांग जायज: प्रंशात भूषण
भूषण ने कहा, भाजपा ने राफेल सौदे में अंबानी की कंपनी को जगह देकर देश की सुरक्षा से समझौता किया है और इससे भारतीय वायुसेना बेबस हो गई है
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि राफेल विमान सौदा इतना बड़ा घोटाला है कि जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। प्रशांत भूषण ने आगे कहा कि बोफोर्स में 64 करोड़ का घोटाला किया गया था जिसमें चार प्रतिशत कमीशन दिया गया था। लेकिन राफेल में तो यह आंकड़ा कम से कम 30 प्रतिशत है। भूषण ने दावा किया कि अनिल अंबानी को दिए गए 21,000 करोड़ रुपए केवल कमीशन ही है।
वरिष्ठ वकील ने बीते शनिवार को अहमदाबाद में यह बातें कही।
उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि भाजपा ने राफेल सौदे में अंबानी की कंपनी को जगह देकर देश की सुरक्षा से समझौता किया है और इससे भारतीय वायुसेना बेबस हो गई है।
भूषण ने आरोप लगाते हुए कहा, “केंद्र सरकार गोपनीयता संबंधी उपधारा के नाम पर सौदे को लेकर जानकारी छिपा रही है। विपक्ष के द्वारा संयुक्त संसदीय समिति की जांच की मांग एकदम जायज़ है।”
गौरतलब है कि राफेल सौदा एक ऐसा मुद्दा बन गया है जिस पर वर्तमान सरकार घिरती नज़र आ रही है। विपक्षी पार्टियां खासकर कांग्रेस पिछले दिनों इस मुद्दे को लेकर सरकार पर काफ़ी हमलावर रही है।