भाजपा विधायकों ने कहा योगी सरकार के आने के बाद उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार हुआ ‘दोगुना’
विधायकों ने उजागर की सरकार में जारी करोड़ों रुपियों की धाँधली।
उत्तर-प्रदेश में भाजपा के दो विधायकों ने राज्य सतर्कता आयोग चिट्ठी लिखकर अपनी ही पार्टी की सरकार के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार बढ़ाने के आरोप लगाए हैं। एटा से भाजपा विधायक वीरेन्द्र लोधी और बदायूं विधायक धर्मेंद्र कश्यप ने लखनऊ डिवेलप्मेंट अथॉरिटी (एलडीए) में जारी घूसख़ोरी के संदर्भ में कहा की पिछली सरकारों के मुकाबले राज्य में अब भ्रष्टाचार दोगुना हो गया है। विधायकों का आरोप है कि एलडीए के अफ़सर एक नक़्शा पास करने के लिए 30 से 50 लाख रुपये घूस ले रहे हैं।
एबीपी न्यूज के मुताबिक समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए।
विधायक वीरेन्द्र लोधी ने चिट्ठी में उजागर किया कि शान-ए-अवध इमारत, जिसे मुंबई की एक कंपनी को 438 करोड़ रुपये में बेचा गया, उसकी रिज़र्व कीमत 500 करोड़ तय की गई थी। इस डील में उत्तर प्रदेश सरकार को करोड़ों का चूना लगाया गया।
लोधी ने यह भी सवाल उठाया की यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने का दावा कर रहे हैं तो उनकी सरकार के अधिकारी ऐसी लूट कैसे मचा सकते हैं।
बदायूं ज़िले शेखपुर भाजपा विधायक धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि कुछ लोगों ने उनसे एलडीए में कथित तौर पर जारी गड़बड़ियों की शिकायत की थी। इसीलिए उन्होंने राज्य सतर्कता आयोग के अध्यक्ष के सामने मामले की जांच करने की मांग रखी है।
विधायकों के इन गंभीर आरोपों से भाजपा सरकार और पार्टी में खलबली मच गई है। वैसे यह पहली बार नहीं है जब किसी भाजपा विधायक या नेता ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया हो। इससे पहले राज्य कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर घूस लिए जाने के आरोप लगा चुके है और भाजपा सरकार के अधिकारियों के ख़िलाफ़ धरना भी दे चुके है।