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‘शिव’राज में विकास का चेहरा: शिक्षा के लिए 7 किलोमीटर जंगल और नदी पार करने को मजबूर हैं छात्र

मेहगांव में नहीं है हायर सेकेंडर स्कूल, जान जोख़िम में डालकर नदी व जंगल पार करके दूसरे गांव के स्कूल जाने को मजबूर हैं छात्र

मध्यप्रदेश में मेहगांव के छात्र जंगल से होकर चलने और फिर रोज़ नदी पार करने को मजबूर हैं। बुटीबोरी गांव स्थित अपने स्कूल जाने के लिए दो दर्जन से भी अधिक छात्र तकरीबन सात किलोमीटर पैदल चलते हैं क्योंकि मेहगांव में कोई उच्च माध्यमिक विद्यालय नहीं है।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ बुटीबोरी स्कूल के अध्यापक ज्ञान सिंह ने बताया, “स्कूल में 232 छात्र हैं। जो बच्चे मेहगांव से हैं वे रास्ते में जंगल और नदी पार कर बोरी आकर पढ़ने के लिए विवश हैं क्योंकि मेहगांव में कोई उच्च माध्यमिक विद्यालय नहीं है।”

एक छात्र ने बताया, “नदी पार कर आना बहुत मुश्किल है और उसमें बहुत खतरे भी हैं पर इसके अलावा और कोई चारा नहीं है।

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत ने सम्बंधित सरकारी अधिकारीयों को वर्त्तमान परिस्थितियों के बारे में सूचित किया है और उन्हें सडक और पुल बनने के लिए कहा है। लेकिन अब तक इस दिशा में उनकी तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए हैं।

बोरी पंचायत के सचिव नवीन विश्वकर्मा ने कहा, प्राधिकारियों को कई बात हमने अच्छी सडक और नदी पार करने के लिए पुल के निर्माण की मांग करते हुए लिखा। यह एक बड़ा कार्य है जो पंचायत के कार्यक्षेत्र में नहीं है। इसलिए हमें अधिकारियों से इस सिलसिले में बात करनी पड़ती है।

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