यूएई से मदद स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं: केरल सरकार
केरल के मुख्यमंत्री ने कहा अन्य देशों की ओर से किया जाने वाला दान स्वीकार्य है। जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री से बात करेंगे।
तिरूवनंतपुरम, 22 अगस्त
केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने आज कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की ओर से बाढ़ राहत सहायता के तौर पर केरल को की गई 700 करोड़ रुपए की पेशकश स्वीकार करने में यदि कोई दिक्कत है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष इस मुद्दे को उठाएंगे और कहेंगे कि वह दिक्कत दूर करें।
विजयन ने मीडिया में आई उन खबरों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए यह टिप्पणी की जिनमें कहा गया था कि केंद्र सरकार द्वारा बाढ़ राहत कार्यों के लिए विदेशी धनराशि स्वीकार किए जाने की संभावना नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी मदद स्वीकार करने में कोई बाधा नहीं है।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘अन्य देशों की ओर से किया जाने वाला दान स्वीकार्य है। जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री से बात करेंगे।’’
विजयन ने कहा कि यह स्वाभाविक है कि दोनों देश एक-दूसरे की मदद करें। वर्ष 2016 में घोषित आपदा प्रबंधन नीति साफ करती है कि यदि किसी दूसरे देश की राष्ट्रीय सरकार स्वेच्छा से सद्भावनापूर्ण कदम उठाते हुए सहायता की पेशकश करती है तो केंद्र सरकार यह पेशकश स्वीकार कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधिकारिक स्तर पर बातचीत करके मुद्दे को सुलझाना चाहती है, लेकिन जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री के दखल की मांग की जाएगी।
इससे पहले, कांग्रेस ने केंद्र की ओर से विदेशी सहायता स्वीकार नहीं करने की संभावना जताने वाली मीडिया की खबरों को निराशाजनक कहा था और प्रधानमंत्री से नियमों में संशोधन का अनुरोध किया था।