वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा पर खर्च के ब्यौरे में उलझी भाजपा, यात्रा को लेकर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप
याचिकाकर्ता विभूति भूषण ने अदालत में एक अर्ज़ी दाख़िल करते हुए दावा किया कि यह यात्रा सरकारी खर्चे से ही हो रही है। यदि सरकारी खर्चे से नहीं हो रही तो सरकार इसको लेकर टेंडर क्यों निकाल रही है?
गौरव यात्रा को लेकर वसुंधरा राजे सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। प्रदेश भाजपा इस यात्रा पर खर्च किये पैसों के ब्यौरों में फंसती नज़र आ रही है। भाजपा पर आरोप लगे हैं कि वह इस यात्रा के लिए सरकारी टेंडर निकाल रही थी। यानि यात्रा पर सरकारी धन खर्च हो रहा है।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 21 अगस्त को भाजपा को इस यात्रा पर हुए खर्च का ब्यौरा पेश करने को निर्देशित किया था। इसके बाद भाजपा ने राजस्थान कोर्ट को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव पर हो रहे खर्चे का ब्यौरा दिया जिसके अनुसार इस गौरव यात्रा में 7 दिन में 1 करोड़ से ज़्यादा खर्च किए गए। हालांकि राजस्थान सरकार ने यह साफ़ कर दिया था कि यात्रा सरकारी नहीं है।
खर्च के ब्यौरे देने पर भाजपा की मुश्किलें कम नहीं हुई। याचिकाकर्ता विभूति भूषण ने अदालत में एक अर्ज़ी दाख़िल करते हुए दावा किया कि यह यात्रा सरकारी खर्चे से ही हो रही है। यदि यात्रा सरकारी खर्चे से नहीं हो रही तो सरकार इसको लेकर टेंडर क्यों निकाल रही है?
इस अर्जी के बाद भाजपा फंसती नज़र आ रही है। विपक्ष भी इसको लेकर भाजपा पर हमलावर हो गई है।
वन इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा पर निशाना साधते हुए कहा, “जब यात्रा भाजपा की है तो पीडब्ल्यूडी द्वारा निविदाएं क्यों निकाली जा रही हैं। यात्रा की तैयारियों के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग, पिण्ववाडा-आबू ने 18 अगस्त को निविदाएं आमंत्रित की हैं, जो हाईकोर्ट के आदेश का पूर्ण रूप से उल्लंघन है। यह सरकारी तंत्र का दुरुपयोग है। मुख्यमंत्री जनता से माफी मांगें।”