नरेंद्र दाभोलकर के परिजनों ने निकाली विरोध रैली, असली हत्यारों को पकड़ने की मांग की
नरेंद्र दाभोलकर, गौरी लंकेश, गोविंद पंसारे और एम.एम. कलबुर्गी की हत्याओं के पीछे एक खास तरह की विचारधारा वाले संगठन पर आरोप लगते रहे हैं
अंधश्रद्धा विरोधी और तर्कवादी सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की पांचवी बरसी पर पुणे में उनके द्वारा बनाए गए संगठन, ‘महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ के कार्यकर्ताओं और परिजनों ने विरोध रैली निकालते हुए, हत्या के पीछे के असली मुजरिमों को पकड़ने की मांग की। इस रैली में दाभोलकर जी के बेटे हामिद और बेटी मुक्ता के साथ ही दिवंगत तर्कवादी गोविंद पंसारे की बहु मेघा पंसारे, थिएटर निर्देशक अतुल पेटे, अभिनेत्री सोनाली कुलकर्णी, महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी और कई अन्य कला, संस्कृति और फिल्मी हस्तियों नें भाग लिया।
2013 में पुणे के ओम्कारेश्वर पुल के पास दाभोलकर की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इसी पुल से शुरू होकर रैली सेन गुरु स्मारक पर जाकर समाप्त की गई। लोगों के हाथों में असली कातिलों को पकड़ने की मांग लिखी हुई तख्तियां मौजूद थीं।
आज दिन भर चलने वाले इस कार्यक्रम में उनकी लिखी पुस्तक ‘भ्रम और निरास’ के हिंदी संस्करण का भी विमोचन होना है, जिसमें अभिनेता अमोल पालेकर और मारे गए तर्कवादियों एम.एम. कलबुर्गी और गौरी लंकेश के परिवार जनों को भी शामिल होना है।
गौरतलब है कि इससे पहले बीते शनिवार को सीबीआई ने औरंगाबाद निवासी कथित मुख्य शूटर सचिन प्रकाशराव अंडूरे को पुणे से गिरफ्तार किया था। सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार सचिन को 26 अगस्त तक हिरासत में रखा जाएगा। मई 2014 में मुम्बई हाईकोर्ट ने दाभोलकर हत्या मामले को सीबीआई को सौंपा था।