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मध्यप्रदेश: दस साल पहले कागजी प्लान तैयार करने में लाखों खर्च किए लेकिन अब तक जमीन पर नहीं उतरा सिटी डेवलपमेंट प्लान

सिटी डेवलपमेंट प्लान को लेकर अब तक काम की शुरुआत नहीं हुई, लोगों को बुनियादी सुविधाएं भी मयस्सर नहीं

शिवराज सरकार की कागज़ी योजनाएं ज़मीनी हकीकत से कितनी दूर हैं इसकी बानगी सिटी डेवलपमेंट का प्लान ही बयां कर सकता है। इस प्लान के बने दस साल से ऊपर हो गए है लेकिन यह कागज़ों से कभी बाहर ही नहीं निकल पाया। लाखों रुपए खर्च कर तैयार किए गए डीपीआर कागज़ों में ही सिमट कर रह गए हैं। इसको लेकर अभी कोई भी काम शुरू नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि राज्य के ब्यावरा ज़िले में दस साल पहले ज़िला मुख्यालय सहित ब्यावरा, नरसिंहगढृ, खिलचीपुर और सारंगपुर सहित अन्य बड़े शहरों के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान बनाया गया था। इस प्लान के तहत ट्रांसपोर्ट नगर, पार्क, पार्किंग ज़ोन, सीवेज ट्रीटमेंट और लाइटिंग युक्त सब्ज़ी मार्केट डेवलप करना था।

पत्रिका की एक रिपोर्ट के अनुसार ज़िला में लोगों को बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। बड़े मंचों पर मेट्रो सिटी के ख्वाब दिखाने वाले ज़िम्मेदार गली मोहल्ले की सड़के, नालियां भी नहीं बनवा पा रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्यों को लेकर नए सिरे से प्लान बनाए गए हैं जिन पर काम किया जा रहा है। साथ ही अन्य नए काम भी हम प्लान कर रहे हैं।

प्लान को जमीन पर लाने को लेकर इस प्रकार की लेटलतीफी प्रशासनीक उदासीनता के साथ सरकार के चुनावी सब्जबाग को भी दिखाता है।

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