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आठ पूर्व पुलिस महानिदेशकों ने साध्वी के बयान की कड़ी निंदा, कहा- शहीदों का करें सम्मान, करकरे ने दी थी देश लिए जान

पूर्व पुलिस अधिकारियों ने अपने बयान में है कि, “प्रज्ञा ठाकुर ने निंदनीय और अफ़सोसजनक बयान दिया है. बहादुर पुलिसकर्मियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में 24 घंटे काम करने के बावजूद जब भी ज़रूरत पड़ी है तब अपने कर्तव्य का पालन किया है.”

आठ पूर्व पुलिस महानिदेशकों ने भोपाल निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की उस बयान की कड़ी आलोचना की हेै जिसमें उन्होंने कहा था कि हेमंत करकरे को अपने कर्मों की सज़ा मिली. आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की है. साथ ही इन अधिकारियों ने मांग की कि जिन लोगों ने देश की ख़ातिर अपनी जान दी है, उनका सम्मान किया जाना चाहिए.

हेमंत करकरे के योगदान को याद करते हुए पूर्व अधिकारयों ने कहा कि, “करकरे शायद आज जीवित होते यदि वो आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए एंटी-टेरर स्क्वाड में शामिल नहीं होते. लेकिन उन्होंने केंद्र की पोस्टिंग को छोड़कर महाराष्ट्रा कैडर में वापस आए. उन्होंने स्वेच्छा से ऐसा किया ताकि हम लोग सुरक्षित अपने घर में सो सकें. यह देश उनका कर्जदार है और इस देश को करकरे के प्रति आभारी होना चाहिए.”

बयान में कहा गया है कि, “प्रज्ञा ठाकुर ने निंदनीय और अफ़सोसजनक बयान दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी के बाद से देश के लिए अपनी जान देने वाले भारत के सभी कोनों से 35,000 पुलिस कर्मियों द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान को सार्वजनिक रूप से पहचाने जाने की आवश्यकता है.”

पूर्व पुलिस अधिकारियों ने अपने बयान में कहा कि बहादुर पुलिसकर्मियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में 24 घंटे काम करने के बावजूद जब भी ज़रूरत पड़ी है तब अपने कर्तव्य का पालन किया है. यहां तक की अपना सबकुछ न्यौछावर किया है.

उन्होंने कहा कि, “देशभर के कई इलाकों के पूर्व डीजीपी होने के नाते हम इन लोकसभा चुनावों में सभी उम्मीदवारों से आग्रह करते हैं कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में इन शहीदों के परिवारों की तलाश करें और उनका सम्मान करें.”

साथ ही बयान में कहा गया है कि, “हम उन्हें पुलिस सेवाओं में सुधार करने के लिए हर संभव कोशिश करने के लिए तत्पर होने का आग्रह करते हैं. ऐसा करने का एक तरीका यह होगा कि प्रत्येक साल एक पुलिस स्टेशन को गोद लिया जाए और MPLAD के तहत योजनाएम बनायी जाएं, जो कि थाना स्टाफ और उनके परिवारों के लिए आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करते हुए इसे एक मॉडल पुलिस स्टेशन बनाएगा. यह हेमंत करकरे और अन्य हज़ारो पुलिसकर्मियों के सर्वोच्च बलिदानों के लिए एक सच्ची और सार्थक श्रद्धांजलि होगी.

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुरे के ख़िलाफ़ दर्ज बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक जूलियो रिबेरो, पूर्व बीएसएफ प्रमुख और यूपी और असम के डीजीपी प्रकाश सिंह, केरल के पूर्व डीजीपी पीकेएच थरकान और जैकब पुणोस, पूर्व राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद के डीजीपी कमल कुमार, महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी संजीव दयाल, असम के पूर्व डीजीपी और एनएसजी डीजी जयंतो एन चौधरी और मेघालय के पूर्व डीजीपी एन-चामचंद्रन शामिल हैं.

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