असम: जोरहाट मेडिकल कॉलेज में 6 दिनों में 15 नवजात शिशुओं की मृत्यु
जेएमसीएच अधीक्षक ने घटना में अस्पताल या इलाज में लापरवाही होने का खंडन किया.
देश में अस्पताल में हो रही शिशुओं की मृत्यु का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताज़ा मामला असम के जोरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेएमसीएच) का है जहां 1 से 6 नवम्बर के बीच क़रीब 15 नवजात शिशुओं की मृत्यु हो गई.
गौरतलब है कि एनडीटीवी की एक ख़बर के मुताबिक़ जेएमसीएच के अधीक्षक सौरभ बोरकाकोटी ने बताया कि विशेष नवजात केयर यूनिट में 1 से 6 नवम्बर के दौरान 15 बच्चों की मृत्यु हुई है. बहरहाल इस मामले में बोरकाकोटी ने दावा किया है कि ये मृत्यु इलाज या अस्पताल की लापरवाही का नतीजा नहीं है बल्कि उन्होंने कहा कि कभी कभी अस्पताल में मरीज़ों की संख्या बहुत अधिक होती है और इसलिए नवजात शिशुओं की मृत्यु की संख्या बढ़ जाती है.
उन्होंने यह भी कहा कि यह इस पर निर्भर करता है कि मरीज़ किस हालत में अस्पताल में लाया गया है. गौर करने की बात यह है कि औसतन जेएमसीएच में 40 नवजात शिशु भारती होते हैं जिनमें से 6 की मृत्यु हो जाती है जबकि पिछले हफ्ते 84 अस्पताल में भारती हुए थे जिनमें से 15 की मृत्यु हो गई.
इस मामले असम के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यूनीसेफ के सदस्यों समेत एक टीम का गठन कर जोरहाट भेजा गया है जो इस मामले की जांच कर एक रिपोर्ट तैयार करेगी. वहीं दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन ने भी इस मामले की जांच के लिए एक छह सदस्यीय समिति का गठन किया है.